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नोबेल विजेता वैज्ञानिक का दावा, कोरोना महामारी का होगा अंत  

नोबेल विजेता वैज्ञानिक का दावा, कोरोना महामारी का होगा अंत  

As we know there is no cure for coronavirus to date and our scientists and researchers are working day and night to get the cure. First of all, Alldatmatterz urge you to wash your hands regularly and take all precautions to stay away from the virus.

जहाँ एक तरफ दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी आग की तरह फ़ैल रही है वही दूसरी तरफ कुछ लोगों की बातों से ही राहत मिल जाती हैं। सूत्रों के अनुसार कोरोना वायरस के प्रकोप से हमें राहत देने के लिए आगे आये हैं  - नोबेल विजेता वैज्ञानिक माइकल लेविट। माइकल लेविट  2013 में रसायन क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार सम्मानित है और साथ ही वो स्टैनफोर्ड बायोफिजिसिस्ट हैं। माइकल ने चीन में कोरोना की स्थिति को लेकर एक भविष्यवाणी की थी जो बिलकुल सही निकली।

माइकल लेविट ने यह दावा किया है कि कोरोना वायरस माहमारी जो विश्व में आग की तरह फ़ैल रही है, वो अब जल्दी ही समाप्त हो जाएगी। उनके अनुसार, दुनिया में जो कोरोना वायरस फैला हुआ है उसका बुरा दौर जल्दी ही समाप्त हो जायेगा। आने वाले समय में कोरोना वायरस से परेशान दुनिया के हालात सुधर जाएंगे। माइकेल लेविट ने पिछले महीने यानी फरवरी में कोरोना वायरस को लेकर एक बात लिखी थी। उन्होंने आने वाले सप्ताहों में कोरोना वायरस से होने वाली मृत्य दर में गिरावट का अंदेशा लगाया था। उनकी भविष्यवाणी के अनुसार, मृत्य दर में कमी आयी। हालाँकि दूसरे लोगों अनुमान था कि चीन अपनी इस हालत से नहीं निकल पायेगा।लेकिन इसके विपरीत अब चीन कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से बाहर निकल रहा हैं। पहले चीन में दो महीने का लॉकडाउन घोषित हुआ था लेकिन अब हुबेई क्षेत्र  चपेट से बाहर आ रहा हैं।

माइकल लेविट का दावा

माइकल लेविट ने चीन में कोरोना वायरस से होने वाली मृत्य दर का अनुमान लगाया था जो लगभग 80,000 के आसपास का अनुमान था और ये सच में 3250 मौतों की दर दर्ज की गई। वही हम दूसरे विशेषजों की बात करें तो उनका अनुमान चीन में होने वाली मृत्य दर लाखों में होने वाली थी। अगर हम रीसेंट आंकड़ों की बात करें तो मंगलवार तक चीन में 3277 मौतें और 81171  के कुल मामले सामने आए हैं।

कोरोना वायरस का क्या दौर चल रहा हैं

अगर हम नोबेल विजेता के द्वारा किये हुए दावे की बात करें तो उनके अनुसार चीन में पहले कोरोना वायरस फैला और अब ये रिकवरी फेस में आ गया हैं। अगर हम इसी ट्रेंड की बात करें तो यही ट्रेंड बाकी देशो में भी देखने को मिलेगा। कोरोना वायरस की चपेट में लगभग 78 देश है जहाँ हर दिन कुछ 50  नए केस दर्ज हो रहे हैं। जल्दी ही इन देशो में भी रिकवरी के आसार दिखाई देंगे। माइकल लेविट के अनुसार, आने वाले समय में दुनिया के सभी देशों में नए मामलों की संख्या में गिरावट आएगी। 

 कोरोना वायरस की वृद्धि दर का कम होना

नोबेल विजेता वैज्ञानिक माइकल लेविट के अनुसार, कोरोना वायरस की बढ़ती वृद्धि दर की तरफ हम ध्यान से देखें तो यह अब चीन में धीमी हो गई हैं। कोरोना वायरस महामारी की वृद्धि दर धीमी होने से मृत्य दर में कमी आई हैं। हालाकि इस बात के लिए वैज्ञानिक लेविट ने कोई प्रमाण नहीं दिया है लेकिन वो कहते है ये बात आंकड़ों के आधार पर कही जा सकती हैं और साथ ही वो इस बात को भी मानते है कि आंकड़े की गणना का आधार अलग-अलग हो सकता है। साथ ही आंकड़ों का 100 % पूर्ण होना भी संभव नहीं हैं क्योंकि इस आपदा के समय में मेडिकल सुविधाओं का अभाव और डॉक्टर की कमी की वजह से सभी का टेस्ट हो पाना संभव नहीं हैं।

माइकल लेविट की सलाह कोरोना वायरस के बारें में

माइकल लेविट ने कोरोना वायरस को लेकर दावा करने के साथ ही कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता जगाने के लिए लोगों को कुछ हिदायतें भी दी और साथ ही उनका पालन करने के लिए कहा।

  • कोरोना वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए देश की सरकारों की कोशिश पर जोर देने को कहा।
  • लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए यह कहा कि लोगों को ऐसा करना जरुरी हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वो एक साथ ज्यादा संख्या में एकजुट ना हों।
  • उनके अनुसार किसी भी वायरस से लड़ने के लिए इम्युनिटी का होना जरूरी होता है और इस वायरस के नए होने के कारण इसके लिए इम्युनिटी विकसित होने और इसके लिए वैक्सीन बनने में अभी समय हैं।
  • उन्होंने लोगों को अपने दोस्तों के साथ पार्टी फंक्शन न करने की सलाह भी दी।

माइकल लेविट - कोरोना वायरस के बारें में महत्वपूर्ण बातें

  • कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति को पहचानने के लिए शुरुआत में उसकी पह्चान करनी और कोरोना वायरस के लक्षणों को जानना जरूरी हैं।
  • इसके लिए चीन द्वारा लागू वायरस टेस्ट के साथ -साथ बॉडी टेंपरेचर सर्विलांस की भी जरुरत है और अगर सभी देश इसे लागू कर देते है तो कम केस आएंगे।
  • कोरोना वायरस महामारी से लड़ने वाले देश के लोगों को सोशल आइसोलेशन में रखना जरूरी हैं।
  • लेविट के अनुसार, इटली में कोरोना वायरस के प्रकोप का कहर इतना जबरदस्त इसलिए है क्योंकि उनकी विचारधारा वैक्सीन विरोधी हैं जिसकी वजह से वायरस इतनी तेजी से फैल गया। लेविट कहते है किसी भी बीमारी के खिलाफ लड़ने के लिए वैक्सीन लेना जरूरी होता है।
  • उन्होंने इस माहमारी से दुनिया के ख़त्म होने वाली बात का समर्थन नहीं किया।
  • लेविट के अनुसार, कोरोना वायरस के फैलने से दुनिया की अर्थव्यवस्था को जरूर धक्का लगा हैं। आर्थिक गतिविधियां बहुत कम हो गई हैं और साथ ही उत्पादन रुक गया है। लॉकडाउन से जन-जीवन असत-व्यस्त हो गया हैं।
  • माइकल लेविट के अनुसार जिस प्रकार चीन और दक्षिण कोरिया में नए मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आई है उसी प्रकार अन्य देशो में भी यही ट्रेंड जल्दी ही दिखाई देगा। ;हालाँकि अमेरिका को इससे उबरने में समय लग सकता हैं।

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