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उपचार और राशन की कमी पर सरकार का दावा

उपचार और राशन की कमी पर सरकार का दावा

   

As we know there is no cure for coronavirus to date and our scientists and researchers are working day and night to get the cure. First of all, Alldatmatterz urge you to wash your hands regularly and take all precautions to stay away from the virus.

वुहान चीन से आया कोरोना वायरस सारे भारत देश में आग की तरह फ़ैल रहा है और इसका कहर बढ़ता जा रहा हैं। कोरोना वायरस एक महामारी की तरह फ़ैल रहा है और इसी के चलते देशवासियों का सामान्य जीवन असत व्यस्त हो गया हैं। हर जगह हाहाकार मचा हुआ है और लोग सुख सुविधाओं के लिए मारे मारे फिर रहे हैं। कुछ समय पहले कुछ राज्यों सहित दिल्ली में 31 मार्च तक का लॉक डाउन घोषित हुआ था लेकिन 24 मार्च 2020 को रात 8 बाके प्रधानमंत्री मोदी ने 21 दिन का लॉक डाउन पुरे देश में घोषित कर दिया। इसी के चलते लोग सभी जरुरी सुख सुविधाओं जैसे उपचार, राशन आदि को चिंता में आ गए। लेकिन भारत सरकार ने भारतीय वासियों को कोरोना वायरस के कहर के चलए यह आश्वासन दिया है कि सरकार जनता को किसी भी तरह की सुख सुविधाओं का अब अभाव नहीं होने देगी। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से बचने और सभी सुख सुविधाओं को जनता तक पहुंचाने का वादा किया हैं।

उपचार और राशन समय पर उपलब्ध

सभी राज्य सरकारों ने अपनी जनता से यह अपील की है कि वो लॉक डाउन के समय में संयम बनाये रखें और किसी भी तरह की चिंता ना करें। सभी राज सरकारें अपनी जनता को किसी भी प्रकार के खाद्यान्न की कमी नहीं होने देंगे। साथ ही जनता को सभी मेडिकल सेवायें और उपचार की सुविधाएं समय पर उपलब्ध करवाई जाएँगी। साथ ही सभी राज्य की सरकारों ने मीडिया से सहयोग की अपील की है। भारत सरकार ने साथ ही यह भी कहा कि जो लोग दिए गए निर्देशों का और 21 दिन के ,लॉक डाउन का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाकर कार्यवाही की जायेगी और इसी के साथ उन्हें जेल और जुरमाना दोनों देना पड़ सकता हैं।

21 दिन के लॉक डाउन  - सरकार ने क्या-क्या कदम उठायें -

  • टेंडर पास नहीं होंगे - कोरोना वायरस महामारी के चलते सरकार मेडिकल सुविधाओं और वेंटीलेटर की खरीद के लिए किसी भी टेंडर की प्रक्रिया से नहीं गुजरेगी। बिना किसी टेंडर की प्रक्रिया का पालन किये वेंटिलेटर्स और जरूरी मेडिकल जरूरतों की खरीदारी की जाएगी। इस निर्णय को इसलिए लिया गया क्योंकि टेंडर प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लगता है। इस निर्णय के चलते भारत सरकार किसी पीएसयू से वेंटीलेटर खरीद सकती हैं। कैबिनेट ने भी इस माहमारी के समय में विभाग को ऐसा करने की छूट दे दी है।
  • खाते में डाले जा रहे रुपये - कोरोना वायरस की माहमारी के चलते कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने डेली वेज वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस बात का फैसला लिया है कि सभी पंजीकृत मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपये डाले जाएंगे और ईस दिशा में सरकार ने अपना काम भी शुरू कर दिया हैं। हालाँकि जिन मज़दूरों पंजीकृत नहीं करवाया है उनके लिए सभी जिले के डीएम को इमरजेंसी फंड उपलब्ध करावाया जायेगा जहाँ से ये लोग सहायता ले सकते हैं।
  • प्राइवेट कर्मचारियों का वेतन ना काटने की अपील - सरकार  ने सभी प्राइवेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों का इस लॉक डाउन के चलते वेतन ना काटने की अपील की हैं।  इस के साथ ही सरकार ने प्राइवेट कंपनियों के लोगों को इस बारें में एडजस्टमेंट करने का आश्वासन भी दिया हैं।
  • 2 महीने की पेंशन का प्रावधान - सरकार ने 78 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन वाले व्यक्तियों को 2 माह की पेंशन जिसके अंतर्गत उनके पास लगभग 1500 रुपए एक साथ पहुंचेगा , इसके तत्काल देने का निर्देश दिया हैं।
  • मई माह तक निःशुल्क अनाज वितरण - राज्य सरकार एनएफएसए के तहत आने वाले लोगों के लिए एक रुपये व दो रुपये प्रति किलो गेंहू को अब मई माह तक निःशुल्क उपलब्ध करवाने की घोषणा की हैं। इन सभी के लिए करीब 2 हजार करोड़ का पैकेज बनाया गया है।


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