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अफ्रीका के पश्चिमी तट पर समुद्री लुटेरों ने 20 भारतीयों को अगवा किया


सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार, अफ्रीका (Africa) के पश्चिमी तट के पास समुद्री लुटेरों ने एक वाणिज्यिक जहाज पर सवार 20 भारतीयों को अगवा कर लिया है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी देते हुए दुःख जाहिर किया हैं। अफ्रीका के पश्चिमी तट पर समुद्री लुटेरों द्वारा की गयी इस साल की ये तीसरी घटना हैं। 


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Ravish kumar) ने इस घटना के बारें में कहा, "हम 15 दिसंबर को अफ्रीका के पश्चिमी तट पर गहरे समुद्र में जहाज एमटी ड्यूक चालक दल के 20 सदस्यों (जैसा कि शिपिंग एजेंसी ने सूचना दी है) के अपहरण से चिंतित हैं।"



विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Ravish kumar) ने  यह भी बताय| कि बड़े दुःख के साथ कहना पड़ रहा है लेकिन इस क्षेत्र में इस साल की यह तीसरी घटना है। 

रवीश कुमार (Ravish kumar) ने, "आबूजा स्थित हमारे मिशन ने यह विषय नाइजीरियाई अधिकारियों और पड़ोसी देशों के अधिकारियों के समक्ष उठाया है।"



अफ्रीका के पश्चिमी तट पर समुद्री लुटेरों  के द्वारा की गयी पुरानी घटनाएँ 

तीन दिसंबर की घटना 

समुद्री विकास पर नजर रखने वाली एक वैश्विक एजेंसी ने यह जानकारी भारत सरकार को दी थी कि हाल ही में हुई घटना से करीब दो हफ्ते पहले तीन दिसंबर को नाइजीरिया के बोनी ऑफशोर टर्मिनल से 66 नॉटिकल मील की दूरी पर समुद्री डाकुओं ने हांग कांग के एक बड़े कच्चे माल के जहाज़ पर सवार 18 भारतीयों सहित चालक दल के 19 सदस्यों का अपहरण कर लिया था। 3 दिसंबर की रात को जब जहाज नाइजीरिया तट के पास पहुंचा तो समुद्री लुटेरों ने हांगकांग के झंडे वाले वीएलसीसी, एनएवीई कांस्लेशन जहाज पर हमला कर उसका अपहरण कर लिया था। जहाज के अपहरण की सूचना के बाद से भारत सरकार व कंपनी के अधिकारी लगातार लुटेरों, अपहरणकर्ताओं के साथ-साथ अफ्रीकी राष्ट्र के अधिकारियों के साथ संपर्क में है। हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों ने नाइजीरिया से होते हुए एंग्लो-ईस्टर्न-मैनेजेड नेव कॉन्सटेलेशन पर हमला कर जहाज पर कब्जा कर लिया। हमले के समय जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया जा रहा था।

समुद्री जहाज का उक्त दल कच्चे तेल के बड़े तेल टैंकर पर तैनात था। यह घटना नाइजीरिया के बोनी अपतटीय टर्मिनल के दक्षिण में 66 समुद्री मील की दूरी पर हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि यह जहाज बोनी अपतटीय टर्मिनल से चला था। यह लगभग 13.3 समुद्री मील पर चल रहा था। 2010 में निर्मित टैंकर का स्वामित्व नेवियस मरीटाइम एक्वीजिशन के पास है।

ग़ौरतलब है कि बीबीसी ने जून में अपनी रिपोर्ट में बताया कि जिस इलाके में भारतीय लोगों का अपहरण किया गया है, वह समुद्री क्षेत्र नाइजीरिया के समुद्री लुटेरों के लिए सबसे मुफीद जगह है। बताया जा रहा है कि जहाज में 26 चालक दल के सदस्य थे, जिसमें से सात उसी में बने रहे, जिसमें एक तुर्की का नागरिक भी है।