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5 सितंबर  - पांचवें ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (EEF) की बैठक में PM मोदी बनेगे मुख्य अतिथि

3 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के 2 दिवसीय दौरे के लिए रवाना हुए थे। व्लादिवोस्तोक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद मोदी व्लादिवोस्तोक के सुदूर पूर्वी संघीय विश्वविद्यालय (FEFU) पहुंचे, जहां रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने उन्हें 5 सितंबर को होने वाले पांचवें ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया। मोदी जी  पांचवें पूर्वी आर्थिक मंच को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे और साथ ही इसी दौरान होने वाली 20वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन की भी अगुवाई करेंगे।


सूत्रों के अनुसार, भारत को मिले इस अवसर से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा और रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी विकसित करने का अवसर होगा। मोदी जी ने रूस यात्रा के लिए रवाना होने से पहले कहा था कि ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (ईईएफ) में विकास करने का अथाह साम‌र्थ्य है। इससे भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग बेहद लाभकारी होगा। 


भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस बात की जानकारी दी कि उनकी रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र (फार ईस्ट रीजन) की यात्रा, किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के सामरिक क्षेत्रों में गहन सहयोग बढ़ेगा। भारत और रूस ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं। दोनों के ऐसा सम्बन्ध बनने से बहु-ध्रुवीय विश्व की इच्छाओं को मज़बूती मिलेगी। अगर बात पहले की करें तो भारत और रूस क्षेत्रीय और बहुआयामी मंचों पर एक-दूसरे के करीबी सहयोगी रहे हैं। मोदी जी ने कहा कि वह अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन से द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों और साझा हित के क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपनी दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले अपने बयान में कहा, '' मैं अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों तथा आपसी हितों से संबंधित क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के सभी आयामों पर चर्चा को लेकर आशान्वित हूं।"


ब्लादिवोस्तोक में मोदी जी 5वीं पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण पर मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी व्लादिवोस्तोक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 20 वीं वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक करेंगे। 

इंटरव्यू में मोदी ने कहा - पुतिन के साथ है स्पेशल केमेस्ट्री 

हाल ही में मोदी जी ने रूसी संवाद समिति तास को एक इंटरव्यू दिया जिसमे उन्होंने भारत की पुतिन के साथ विशेष संबंधों के बारे में बताया। उन्होने कहा कि की उन्हें भरोसा है कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के मध्य संबंधों को नए आयाम, नई ऊर्जा देगी। तास की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत और रूस 15 दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करेंगे जिसमे सैन्य-तकनीक क्षेत्र भी शामिल हैं। इसके अलावा भारत रूस शिखर वार्ता को ईईएफ कार्यक्रम से प्रसारित किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक भारत और रूस सैन्य तकनीकी को केवल ग्राहक और विक्रेता तक सीमित रहे लेकिन आज अगर तकनीक दी जाती है तो भारत सैन्य उपकरणों को कम लागत में बना जायेगा। इससे इन सैन्य उपकरणों को ऐसे दामों पर उन तीसरी दुनिया के देशों को बेचा जाएगा जो इनको ख़रीदने में असमर्थ हैं। रूस के राष्ट्रपति ने भारत के स्पेस मिशन गगन यान की भी चर्चा की और साथ ही यह भी बताया कि आने वाले समय में रूस भारत के अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग में मदद करेगा।


रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात और 'इंवेस्ट इंडिया' का संदेश के साथ स्वागत 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय रूस दौरे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बेहद गर्मजोशी से मिले। इसी दौरान उन्होंने शिप बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा भी किया। रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र में स्थित व्लादिवोस्तोक शहर ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (ईईएफ) में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए तैयार है। इस शहर में जगह-जगह मोदी के बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं जिन पर 'इंवेस्ट इंडिया' का संदेश लिखा हुआ है। चीन और उत्तर कोरिया की सीमाओं से लगा हुआ व्लादिवोस्तोक शहर प्रशांत महासागर क्षेत्र में रूस का प्रमुख बंदरगाह है। सम्मेलन के आयोजन स्थल फार ईस्टर्न फेडरल यूनिवर्सिटी (एफईएफए) में 70 व्यापारिक कार्यक्रम होंगे। भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, आसियान और यूरोप के कारोबारियों के बीच बातचीत होगी। सांस्कृतिक और खेल के कार्यक्रम भी होंगे। जूडो टूर्नामेंट भी होगा जिसके पुतिन माहिर हैं। रेगाटा और सूमो कुश्ती जैसे खेल भी होंगे।

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