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मोदी सरकार के 3 बड़े फैसले - 75 नए मेडिकल कॉलेज,गन्ना किसानों को एक्सपोर्ट सब्सिडी और 100 प्रतिशत FDI

हाल ही मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के काम की गति और दिशा में सुधार को लेकर कई प्रकार के दिशा - निर्देश दिए हैं। साथ ही पीएम मोदी ने अपने मंत्रालयों के मंत्रियों को हिदायत दी है कि जिन दावों को पूरा किया जा सके, केवल वही दावे करें। इस बैठक में कुछ बड़े अहम फैसले भी लिए गए। आइये जानते हैं मोदी सरकार कैबिनेट बैठक के 3 बड़े फैसलों के बारे में। 


पहला बड़ा फैसला - 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने और MBBS की 15700 सीटें बढ़|ने का फैसला 

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एजुकेशन के क्षेत्र में एक अहम फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने 75 नए मेडिकल कॉलेज (Medical College) खोलने के प्रस्ताव के बारे में  बताया है। आने वाले 2022 तक 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी हैं और साथ MBBS की सीटें बढ़ाकर 15700 सीटें कर दी जाएँगी। इस प्रस्ताव के लिए 24,375 करोड़ रुपये खर्च होने का बजट पास हुआ हैं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर के अनुसार, यह मेडिकल शिक्षा का सबसे बड़ा विस्तार है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि," ये सभी मेडिकल कॉलेज वहां बनेंगे, जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं। पिछले पांच साल में एमबीबीएस और पीजी मिलकर 45 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं और आज तक पिछले पांच साल में 75 नए कॉलेज को मंजूरी मिली है। अभी तक मेडिकल एजुकेशन के लिए इतना बड़ा निर्णय नहीं हुआ है। सरकार के इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और हमारी मोदी सरकार की यह बड़ी उपलब्धि बनेगी। "

दूसरा बड़ा फैसला -  गन्ना किसानों को 100 % एक्स-पोर्ट सब्सिडी 

पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया। अब गन्ना किसानों को 100 % एक्स-पोर्ट सब्सिडी की मंजूरी मिल गयी हैं। अब गन्ना किसानों को 60 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने के लिए एक्स-पोर्ट सब्सिडी देने का फैसला भी लिया गया है जिसमे 6268 करोड़ रुपये का ख़र्चा आएगा। 


प्रकाश जावड़ेकर ने बताया, 'गन्ना किसानों को 60 लाख मीट्रिक टन शक्कर निर्यात करने के लिए एक्सपोर्ट सब्सिडी देने का फैसला लिया गया है। 6,268 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि सीधे किसान के खाते में जाएगी। इससे लाखों गन्ना किसान लाभान्वित होंगे। गन्ना किसानों को अब नुकसान नहीं होगा।' उन्होंने बताया कि देश में 162 लाख मीट्रिक टन शक्कर का सरप्लस स्टॉक है। इसमें से 40 लाख मीट्रिक टन बफर स्टॉक रखा गया है। "


तीसरा बड़ा फैसला  - कोल माइनिंग और कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग को 100 प्रतिशत FDI

कैबिनेट बैठक में कोल माइनिंग और कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी एक बहुत अहम फैसला लिया गया हैं। इस बैठक के दौरान, सरकार ने बताया कि 286 बीलियन डॉलर की एफडीआई (FDI) भारत में आई है। अब हम कॉन्ट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे सकते हैं। विदेशी लोग भारत मे आकर अपना सामान बनवा सकते हैं। कैबिनेट ने डिजिटल मीडिया में सरकार की स्वीकृति के साथ 26 फीसदी एफडीआई मंजूर की है और साथ ही सिंगल ब्रांड रिटेल सेक्टर में 30 प्रतिशत लोकल सोर्सिंग के नियमों को सरल करने का फैसला किया है।  कैबिनेट मीटिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े नियमों और प्रावधानों के उदारीकरण के लिए भी कई फैसले लिए गए। 

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस दौरान बताया कि," कोल माइनिंग और उसके सेल के लिए 100 फीसदी एफडीआई को अनुमति दी जाएगी। साथ ही उससे जुड़े कामों जैसे कोयला की धुलाई आदि में भी 100 फीसदी की एफडीआई को अनुमति की मंजूरी दी गई है। भारत की कंपनियां मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बनाना चाहते हैं, लेकिन कानून में कुछ कठिनाइयाँ थी जिसे आज काफी सरल किया गया है। इससे बड़ी मात्रा में विदेश से निवेश आएगा और हमारे देश आर्थिक प्रगति की तरफ़ बढ़ेगा। इससे युवाओं को रोज़गार मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि,"2014 से 2019 के बीच 286 अरब डॉलर का रिकॉर्ड FDI भारत आया है। उसके पहले के 5 सालों में यह आंकड़ा 189 अरब डॉलर था। 2018-19 के अंतरिम आंकड़ों में 64 अरब डॉलर का FDI आया। FDI के उदारीकरण और लचीलेपन की दिशा में काम किया जा रहा है।'

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