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Apple ने उठाया बड़ा कदम, पालिसी के नियम तोड़ने पर 300 कर्मचारियों की नौकरी गयी

एप्पल (Apple) कंपनी दुनिया की उन सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है जिंन्हें अपने कंपनी को शुरु करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन उसके बाद कंपनी ने बहुत लोकप्रियता हासिल की।  ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी अपनीओ पॉलिसीस को लेकर बहुत कड़ी रही। इसी वजह से आज के समय में हाल ये है कि हर आदमी चाहता है कि वो एक बार एप्पल का फोन ज़रूर लें। हाल ही में कंपनी की सख्त पालिसी और नियमों को लेकर एक केस आया हैं। 

Apple ने यूजर्स की बातें सुनने वाले 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला बर्खास्त कर दिया है। इन सभी कर्मचारियों पर यूजर्स की बातें सुनने का आरोप लगा है। 


पालिसी के नियम तोड़ने पर 300 कर्मचारियों बाहर निकाले 

मोबाइल फ़ोन कंपनी की प्राइवेसी लीक की यह खबर कोई नयी खबर नहीं हैं। पहले भी कुछ ऐसी ख़बरें अन्य मोबाइल कंपनी और अन्य कंपनी जैसे गूगल, अमेजन और एपल के वर्चुअल डिवाइस सीरी से प्राइवेसी लीक होने की आई थी। एप्पल (Apple) कंपनी के इस नए मामलें में यह आरोप लगा है कि ी कंपनी के थर्ड पार्टी वर्कर कंपनी के मोबाइल यूजर्स की पर्सनल बाते सुना करते थे।

क्या कहती है कंपनी की प्राइवेसी पालिसी 

एप्पल कंपनी की पालिसी नियम यह है कि यूजर्स की ऑडियो क्लिप वर्चुअल डिवाइस की क्वालिटी को चेक करने के लिए सुनी जाती हैं। जब किसी वर्चुअल डिवाइस की आवाज़ ठीक प्रकार से काम नहीं करती है तो उसे सही किया जाता था। इसी बात को लेकर एप्पल कंपनी(Company) के साथ काम करने वाले एक पुराने कॉट्रैक्टर ने पालिसी के नियमों का उल्खनन होने की बात कही। साथी ही दावा पेश करते हुए यह भी बताया कि एपल कॉन्ट्रैक्टर्स सीरी डिवाइस के माध्यम से यूजर्स की बातें सुनते हैं। इस खबर के लीक होते ही एप्पल कंपनी ने यूजर्स की बातें सुनने वाले 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला बर्खास्त कर दिया है और ऑडियो क्लिप सुनने वाले अपने 300 कॉन्ट्रैक्टर्स को पैनल से हटा दिया है।

यूजर्स ने किया विरोध 

एप्पल के 300 कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा ऐसा करने से और एपल सीरी से प्राइवेसी लीक मामले में कंपनी को यूजर्स का विरोध झेलना पड़ा था जिसके बाद एपल को सीरी को बेहतर बनाने वाले इस प्रोग्राम को पूरी तरह से बंद करना पड़ा। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि कंपनी के थर्ड पार्टी वर्कर ज्यादातर कैनेडियन, ऑस्ट्रेलियन और इंग्लिश ऐकसेंट को सुना करते थे। इससे पहले गूगल और अमेजन की एलेक्सा डिवाइस को लेकर इस तरह की बात सामने आई थी। इसके बाद इसमें सोशल मीडिया(Social Media) साइट फेसबुक(Facebook) का भी नाम आया था। यह पहला मौका नहीं है जब एपल को अपना कोई काम बंद करना पड़ा हो। इससे पहले कंपनी को प्राइवेसी इशू के चलते अपना क्वॉलिटी कंट्रोल प्रोग्राम बंद करना पड़ा था। तब एपल के कर्मचारियों पर आरोप लगा था कि कंपनी के थर्ड पार्टी कर्मचारी यूजर्स की बेहद निजी बातों को भी सुन रहे थे।


आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि इससे पहले गूगल ने इस बात को माना है कि कर्मचारी यूजर्स द्वारा प्रयोग किए जाने वाले Smart Speakers के ऑडियो की रिकार्डिंग्स(Recordings) को सुनते हैं । गूगल के एक्सपर्ट यूजर्स द्वारा होम असिस्टेंट(Home assistant) से की गई बाते या उन्हें दिए गए कमांड्स को सुनते हैं।

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