Bollywood Fashion Sports India Beauty Food Health Global Tales Facts Others Education & Jobs Cricket World Cup 2019 Science & Tech

23 विश्वविद्यालयों को UGC ने बताया फर्जी, कहा, उल्लंघन किया अधिनियम

पूरे देश में फर्जी विश्वविद्यालयों का सिलसिला बढ़ता ही चला जा रहा है| इसी सिलसिले में एक बार दुबारा से यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) {university grants commission (UGC)} ने कई विश्वविद्यालयों को फर्जी बताया है और उनकी मान्यता रद्द करने का फैसला लिया है| देखा जाए तो फर्जी विश्वविद्यालय की संख्या हर साल बढ़ती ही रहती है और ऐसे में नुकसान वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का होता है|

इतना ही नहीं UGC ने सभी विद्यार्थियों को इस बात से मुहैया कराया है और उन्हें किसी भी फेक विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से पहले उसकी जांच करने के बारे में सलाह भी दिया है| इसके साथ UGC ने बच्चों को फेक विश्वविद्यालयों से सावधान रहने के लिए कहा है|

यूजीसी के सचिव द्वारा मिली जानकारी

यूजीसी के सेक्रेटरी रजनीश जैन ने इस बात का खुलासा विद्यार्थियों के साथ किया है| उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश में कुल 23 ऐसी विश्वविद्यालय हैं जो बिना परमिशन के चल रही हैं और इन्हें मान्यता नहीं दी गई है| ऐसे विश्वविद्यालयों को सचिव ने फेक बताया और स्टूडेंट्स को इस तरह की और भी कई विश्वविद्यालयों से सचेत रहने की सलाह दी|

कुल 23 विश्वविद्यालय को बताया फेक

सचिव ने कहा की पूरे देश के कई कोने में कई ऐसी विश्वविद्यालयों को चलाया जा रहा है जिन्हें किसी भी तरह की मानयता नहीं प्राप्त है| उन्होंने बताया कि दिल्ली में 7, उत्तर प्रदेश में 8, पश्चिम बंगाल में 2, ओड़िशा के तीन और, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पोंडिचेरी की एक-एक विश्वविद्यालय फर्जी हैं|

दिल्ली की सात विश्वविद्यालय थीं फर्जी

दिल्ली में कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड (Commercial university limited) समेत, दरियागंजयूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी (Dariyaganj united nations university), वोकेशनल यूनिवर्सिटी (Vocational university) , एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी (ADR-centric judrical University), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग (Indian institute of science and engineering), विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फोर सेल्फ एम्पलॉयमेंट (Vishvkarma open university for self employmeny ) और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय रोहिणी जैसी कुल सात विश्वविद्यालय फर्जी नियुक्त कर दिया गया है|

पश्चिम बंगाल की दो विश्वविद्यालय थीं फर्जी

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसिन (Indian institute of alternative medicine), कोलकाता (Kolkata) और इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च, कोलकाता (Institute of alternative medicine and research Kolkata) ऐसी दो विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल में भी हैं जिन्हें मान्यता प्राप्त नहीं है|

उत्तर प्रदेश के 8 विश्वविद्यालय निकले फर्जी

वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय- वाराणसी (Varansey Sanskrit Vishvavidyalay -varanasi ), महिला ग्राम विद्यापीठ- प्रयागराज, (Mahila gram Vidyapeeth- prayagraj)गांधी हिंदी विद्यापीठ- प्रयागराज (Gandhi hindi Vidyapeeth- prayagraj), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कॉम्प्लेक्स होम्योपैथी- कानपुर (National university of electro complex homyopathy- kanpur), नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी- अलीगढ़ (Netaji subhash Chandra bose university - aligarh ), उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय- मथुरा (Uttar Pradesh vishvavidyalay- mathura), महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय- प्रतापगढ़ (Maharana Pratap shiksha Niketan vishvavidyalay  - pratapgarh) और इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद- माकनपुर (Indrapasth shiksha parishad- maakanpur) जैसी कुल 8 विश्वविद्यालय फर्जी घोषित कर दी गई हैं|

ये सभी विश्यविद्यालय UGC के कई अधिनियम का उल्लंघन किया है और यही वजह है कि इन्हें फर्जी करार दिया गया है| परेशानी वहाँ पढ़ने वाले छात्रों को होगी|

Comments

Trending