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Statue Of Unity से जुड़ी इन 10 बातों को जान आप भी कहेंगे, वाकई में ये तो मिसाल है

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुधवार को गुजरात के केवड़ि‍या (Kevadiya) में विश्‍व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ (Statue of unity) को राष्‍ट्र को समर्पित किया गया. प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा उनकी जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले स्थित केवड़िया में राष्‍ट्र को समर्पित की गई. जिसके बाद पीएम मोदी ने इस अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित किया. 

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आपको बता दें, पीएम मोदी द्वारा इसका उद्घाटन सरदार वल्लभ भाई पटेल की 141 जयंती पर किया गया है. सरदार पटेल ने देश को एकजूट करने में खास भूमिका निभाई थी और उन्हें लोह पुरुष के नाम से भी जाना जाता है. आजादी के बाद सरदार पटेल की मेहनत से ही भारत एक देश बन पाया था क्योंकि अंग्रेजों द्वारा सभी रियासतों को आजाद कर दिया गया था और उसके बाद सभी रियासतों के पास पाकिस्तान से भारत में शामिल होने का अवसर था लेकिन भारत को एकजूट करने में लोह पुरुष ने अहम भूमिका निभाई थी. 

दुनिया भर में ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ की चर्चा हो रही है और हो भी क्यों न. दरअसल, स्टेच्यू ऑफ युनिटी के बारे में हम आपको जो 10 बातें बताने जा रहे हैं उन्होंने जानने के बाद आप भी कहेंगे कि इसके बारे में दुनिया भर में बात जरूर होनी चाहिए. इसके अलावा आप खुद भी ऐसा मानेंगे कि ये वाकई में किसी मिसाल से कम नहीं है. तो चलिए आपको इससे जुड़ी 10 बातें बताते हैं, जिन्हें जानकर हर भारतीय को इस निर्माण पर गर्व महसूस करेंगे. 

1. बुनियादी ढांचे से जुड़ी दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने दावा किया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में बन रही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है.

2. यह प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है. यह चीन में स्थित स्प्रिंग टेंपल की बुद्ध की प्रतिमा (153 मीटर) से भी ऊंची है और न्यूयॉर्क में स्थित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दोगुनी ऊंची है.

3. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of unity) महज 33 महीने में बनकर तैयार हुई है, जो विश्व रिकॉर्ड है. रैफ्ट निर्माण का काम वास्तव में 19 दिसंबर, 2015 को शुरू हुआ था और 33 माह में इसे पूरा कर लिया गया.  कंपनी ने कहा कि स्प्रिंग टेंपल के बुद्ध की मूर्ति के निर्माण में 11 साल का वक्त लगा.

4. एलएंडटी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया है कि इस मूर्ति का निर्माण 2,989 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. 

5. कंपनी का दावा है कि मूर्ति पर कांसे की परत चढ़ाने के एक आशिंक कार्य को छोड़ कर इसके निर्माण का सारा काम देश में किया गया है. यानी हम मान सकते हैं कि ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ स्वदेशी है.

6. यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

7. 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का कुल वजन 1700 टन है और ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है. प्रतिमा अपने आप में अनूठी है. इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है.

8. 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of unity) का निर्माण राम वी. सुतार की देखरेख में हुआ है. राम वी. सुतार को साल 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था. साल 1999 में उन्हें पद्मश्री भी प्रदान किया जा चुका है. वी सुतारइन दिनों मुंबई के समुंदर में लगने वाली शिवाजी की प्रतिमा की डिजाइन भी तैयार करने में जुटे हैं. महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि यह प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी पीछे छोड़ देगी और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी.

9. ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ के अनावरण के मौके पर 153 मीटर ऊंची इस दर्शक दीर्घा में एक समय में अधिकतम 200 आगंतुक उपस्थित हो सकते हैं. यहां से सरदार सरोवर बांध, इसके जलाशय और सतपुड़ा एवं विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं का मनोरम दृश्‍य नजर आता है. मूति में दो हाई स्पीड लिफ्ट भी होंगी, जिससे एक समय में करीब 40 लोग गैलरी तक जा सकते हैं. यहां एक संग्रहालय में सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी घटनाओं पर लाइट एंड साउंड शो भी होगा.

10. अनुमान है कि ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ (Statue of unity) को देखने के लिए प्रतिदिन करीब 15000 पर्यटक आएंगे. इससे गुजरात देश का सबसे व्यस्त पर्यटक स्थल बन सकता है.

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