Bollywood Fashion Sports India Beauty Food Health Global Travel Today Tales Facts Others

लड़कियों की पुबर्टी को सेलिब्रेट करे : अक्षय कुमार

लड़कियों की पुबर्टी को सेलिब्रेट करे : अक्षय कुमार

१.अक्षय आप साल में चार फिल्में करते है जबकि बाकि हीरो एक या दो , तो क्या आप पर प्रेशर होता है की आपको इतनी सारी फिल्में करनी है और सभी हिट होनी चाहिए ? 

अक्षय : जी नहीं मेरे ऊपर बिलकुल भी कोई प्रेशर नहीं होता है। हर फिल्म 40 से 50 दिन में पूरी हो जाती है उसके बाद भी साल के काफी दिन बच जाते है।  हमारे पास इतना वक़्त होता है और इसलिए मुझे कभी भी कोई प्रेशर नहीं फील होता। उल्टा समय होने की वजह से मै फिल्मो के बाद भी कमर्शियल कर लेता हूँ , शोज कर लेता हूँ। 

२. आपकी फिल्म पैड मैन औरतो की माहवारी के बारे में बात कर रही है , आपको इस विषय के बारे में पूरी तरह से कब पता चला ?

अक्षय :  मेरे घर में भी यह सब बात छुपाई जाती थी जैसे की सब घरो में होता है लेकिन फिर धीरे धीरे इसके बारे में पता चला। लेकिन पूरी तरह से इस बारे में मुझे दो साल पहले पता चला की हमारे देश में 82 प्रतिशत महिलाये सेनेटरी पैड इस्तेमाल नहीं करती है क्यूंकि उनके पास उसे खरीदने के पैसे नहीं हैं। वह पैड की जगह मिटटी , पत्ते, रख इस्तेमाल करती है जो की हम सबके लिए बहुत ही शर्मनाक बात है। 

३.  यह फिल्म अरुणाचल मुरगुनाथं की कहानी पर आधारित है , आपने उनसे मिलकर क्या सीखा ?

अक्षय : अरुणाचल जी से मेरी मुलाकात मेरी बीवी के वजह से हुई और उनसे मिलकर पता चला की कैसे वह अपनी बीवी से इतना प्यार करते है और उन्होंने अपनी बीवी की स्वछता के लिए यह मशीन बनायीं। जहाँ यह मशीन करोड़ो रूपये में बनती है वहा उन्होंने यह मशीन मात्र 60000 में बनायीं और देश की महिलाओ के लिए इतना  महत्वपूर्ण अविष्कार किया।  अरुणाचल जी की सबसे अच्छी बात मुझे यही लगी की अगर तुम देश को मजबूत बनाना चाहते हो तो पहले देश की महिलाओ को मजबूत बनाओ ,देश अपने आप मजबूत हो जायेगा।

४. इस फिल्म के माध्यम से आप लोगों को क्या देना चाहते है ? 

अक्षय : में इस फिल्म के माध्यम से लोगों को यही बताना चाहता हूँ की औरतो की माहवारी कोई कलंक नहीं है. वह बहुत ही नेचुरल प्रतिक्रिया है। जैसे हम अपने घर में दिवाली होली मानते है वैसे ही एक लड़की के पुबर्टी तक पहुंचने पर इस को भी सेलिब्रेट करना चाहिए। इस बात को छुपाना नहीं चाहिए। अगर शुरू से लड़की को यही सिखाया जाए  की इस बात को सबसे छुपा कर रखा है तो उसके अंदर आत्मविश्वास कहीं  खो जायेगा। 

५. अक्षय क्या आपको लगता है की सोशल इशू पर अगर कोई फिल्म बनायीं जाती है तो लोगों का उसपर ज्यादा असर पड़ता है ?

अक्षय : जी बिलकुल, अगर आप किसी सोशल इशू पर कोई डाक्यूमेंट्री बनाएंगे तो लोग उसे उतने ध्यान से नहीं देखेंगे जबकि फिल्मो का असर लोगों की जिंदगी पर ज्यादा होता हैं। 

६.  आप सोशल इशू पर काफी फिल्मे कर रहे है , इसके बाद अब कौन सा मुद्दे पर फिल्म बनाना चाहेंगे ? 

अक्षय : मुझे आज  ही एक लड़की ने इसका भी जवाब दिया है।  एक लड़की ने मुझसे यही सवाल किया था तो मैंने उस से पुछा की आप बताये किश मुद्दे पर फिल्म बनानी चाहिए , तो उसने जवाब दिया दहेज़ पर।  अब अगर अच्छी स्क्रिप्ट मिलती है तो मै इस मुद्दे पर फिल्म बनाना चाहूंगा। 

Comments

Trending