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दिल्ली नर्सरी एडमिशन : तैयार हो जाएँ अभिभावक

दिल्ली नर्सरी एडमिशन : तैयार हो जाएँ अभिभावक

देश की राजधानी दिल्ली में करीब 1700 निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सामान्य वर्ग के लिए दाखिले 27 दिसम्बर से शुरू हो जायेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 17 जनवरी है। अभिभावकों के पास फॉर्म भरने के लिए 21 दिन का समय होगा। स्कूलों द्वारा प्वाइंट सिस्टम के हिसाब से बच्चों को मिले प्वाइंट्स की जानकारी 8 फ़रवरी तक इन्टरनेट पर जारी कर दी जाएगी। चुने हुए बच्चों की पहली लिस्ट 15 फ़रवरी तक आ जायेगी। 31 मार्च को एडमिशन की प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी।

अभिभावक नर्सरी एडमिशन के नियमों को लेकर परेशान हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने एडमिशन के लिए जो ‘अपर एज लिमिट’ तय की थी, उसे दिल्ली सरकार ने इस साल लागू नहीं किया है। शिक्षा निदेशक सौम्या गुप्ता ने बताया कि नए सत्र 2019-20 से नर्सरी एडमिशन में हाई कोर्ट के आदेशानुसार उम्र सीमा लागू कर दी जायेगी। उम्र सीमा लागू हो जाने के बाद अपर एज लिमिट, 4 साल से कम, केजी के लिए 5 साल से कम और क्लास फर्स्ट के लिए 6 साल से कम उम्र तय होगी।

स्कूलों को यह अधिकार दिया गया है कि, वह सिंगल पेरेंट्स, एलुमिनी, नेबरहुड, सिबलिंग या अपने इच्छानुसार मानक निर्धारित कर सकते हैं। स्कूल जो भी मानक तय करे वह भेदभाव रहित और पारदर्शी होने चाहिए।

 

स्कूलों को एडमिशन शेड्यूल की जानकारी, कुल सीटों की संख्या तथा मानकों के लिए निर्धारित किये गए अंक आदि की जानकारी नोटिस बोर्ड, वेबसाईट और फ्लैक्स बोर्ड पर देनी होगी। निदेशालय के अनुसार बीते तीन सालों के दौरान प्रवेश स्तर पर सीटों की संख्या कम नहीं होनी चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के भविष्य को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में 25 फ़ीसदी सीट ई.डब्लू.एस. श्रेणी के लिए आरक्षित की है। मीडिया की माने तो दिल्ली में करीब 1700 स्कूलों में सवा लाख नर्सरी सीटें हैं। सरकारी जमीन पर करीब 420 स्कूल हैं, जो ज़्यादातर अभिभावकों की पसंद है।

शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को निर्देश मिला है कि स्कूलों में एड्मिशन के ऐसे मापदंड कदापि न रखे जाएँ जो भेदभाव वाले हों अर्थात पारदर्शी न हों। पिछले वर्ष शिक्षा विभाग ने 62 ऐसे मापदंडों को रद्द किया था जो कि भेदभावपूर्ण थे। इनमे अभिभावकों की शिक्षा, शाकाहारी होना, शराब ना पीना, बच्चे या अभिभावक का मौखिक या इंटरव्यू टेस्ट, आर्थिक परिदृश्य, बच्चे की स्पेशल क्वालिटी, ज्वाइंट फैमिली, सरकारी नौकरी और म्यूजिक डांस आदि में क्वालिफिकेशन जैसे मापदंड शामिल थे।

यदि कोई भी अभिभावक नर्सरी में अपने बच्चे का एड्मिसन करवाना चाहते हैं तो अपना और अपने बच्चे का आधार कार्ड जरूर बनवा लें। बीते वर्ष एड्मिसन की प्रक्रिया में कई स्कूलों ने आधार कार्ड को दस्तावेजों में अनिवार्य कर दिया था। गौरतलब है की नर्सरी एड्मिशन को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए दिल्ली सरकार सभी प्राइवेट स्कूलों पर नज़र रख रही है। एड्मिशन के दौरान हर वर्ष धांधली होती है, अभिभावकों से मोटी रकम डोनेशन के तौर पर लेकर, बच्चों को स्कूल में एड्मिसन दिया जाता है। यही वजह है कि शिक्षा निदेशालय और दिल्ली सरकार एड्मिसन प्रक्रिया पर बारीकी से नज़र बनाये हुए है। शिक्षा विभाग ने साफ़ निर्देश दिए हैं कि एड्मिसन रजिस्ट्रेशन फीस 25 रुपए ली जायेगी और स्कूल का प्रॉस्पेक्टस खरीदना या न खरीदना अभिभावक की इच्छा पर निर्भर होगा।          

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