जस्टिस लोया की मौत का अधूरा सच

By:  अनुराग मिश्रा

/img/article/1521/लोया.jpg

आप सभी को हाई प्रोफाइल 'सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस' याद होगा जिसकी सुनवाई आज भी विशेष सीबीआई अदालत में चल रही है। प्रसिद्द अंग्रेजी पत्रिका 'द कैरेवान' ने इस मामले की सुनवाई कर रहे जज बृजमोहन हरकिशन लोया की मौत पर बीते 20 नवंबर को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसने देश की राजनीतिक गलियारों में सुनामी ला दी थी।
'द कैरेवान' के लिए निरंजन टकले के रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस लोया की मौत को एक प्राकृतिक मौत नहीं कहा जा सकता। उनके परिजनों और करीबी साथियों से विस्तृत बात-चीत के आधार पर तैयार ये रिपोर्ट  जस्टिस लोया की मौत को संदेह के घेरे में खड़ा करती है। 48 वर्षीय जस्टिस लोया की मौत 1 दिसंबर की सुबह नागपुर में हुई थी जहां वह अपने साथी जज की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे। उनकी मौत को मीडिया ने उस समय ह्रदय घात से हुई मौत बताया था। आपकी जानकारी के लिए बतातें चलें कि जस्टिस लोया जिस हाई प्रोफाइल सोहराबुद्दीन शेख़ मामले की सुनवाई कर रहे थे उसमे मुख्य आरोपियों में अमित शाह का नाम है जो सोहराबुद्दीन की मौत के समय गुजरात सरकार में गृह मंत्री थे और आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'राइट हैंड' भी कहे जाते हैं। उनकी मौत के बाद अमित शाह को बरी कर दिया गया था और सीबीआई ने भी मामले को पुनः सुनवाई के लिए कोई अपील दायर नहीं की। 

/img/article/1521/लोया.jpg

'द कैरेवान' की इस रिपोर्ट में जस्टिस लोया के परिजनों के ओर से कई महत्त्वपूर्ण प्रश्न उठाए गए हैं जैसे : 

  • यदि उनकी मौत ह्रदय घात से हुई थी तो उनके कपड़ों पर खून के निशान कैसे थे ? लोया के पिता ने बताया कि उनके सर पर भी चोट थी। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्हें पहले से कोई रोग नहीं था तो अचानक से कोरोनरी धमनियों में समस्या के कारण किसी की मौत होना असामान्य सा लगता है। 

  • यदि रिपोर्ट प्राकृतिक कारणों से हुई थी तो पोस्टमार्टम की आवश्यकता क्यों पड़ी और पंचनामा क्यों नहीं कराया गया ?

  • उनकी मौत की सूचना परिजनों को सुबह 5 बजे ही दे दी गई थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय 6 बजकर 15 मिनट लिखा है। 

  • परिजनों के अनुसार जस्टिस लोया का मोबाइल उनकी मौत के कई दिन बाद फ़ोन से डाटा मिटाने के बाद वापस किया गया। 

  • इतने महत्त्वपूर्ण व्यक्ति होने के बावज़ूद जस्टिस लोया को उनके ठहरने के स्थान रवि भवन से ऑटो में अस्पताल ले जाया गया जबकि वीआईपी के लिए गाडी की व्यवस्था रहती है। इतनी रात तुरंत ही ऑटो का मिल जाना भी आम बात नहीं है।

  • ईश्वर नामक एक आरएसएस कार्यकर्ता ने मृत शरीर को ले जाने के लिए परिवार को फ़ोन किया था और उसने ही मोबाइल भी लौटाया था। यह व्यक्ति कौन है और इतनी रूचि क्यों ले रहा था ?

  • किसी 'चचेरे भाई' ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हर पेज पर दस्तख़त किये हैं लेकिन परिवार में कोई ऐसा चचेरा भाई है ही नहीं। 

/img/article/1521/लोया.jpg

अजीब बात यह है कि जस्टिस लोया की मौत के बाद नए जज ने अमित शाह और पुलिस के अन्य आला अधिकारीयों को बिना सुनवाई के बरी कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश था कि मामले की सुनवाई शुरू से अंतिम दिन तक एक ही जज करे लेकिन इस मामले में कई बार जज बदले गए जो प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। जस्टिस लोया की बहन अनुराधा बियानी और उनके पिता ने यहां तक बताया कि जस्टिस लोया को बॉम्बे उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस मोहित शाह की ओर से उनके मुताबिक़ फैसला सुनाने पर 100 करोड़ रूपये रिश्वत ऑफर की थी और मुंबई में एक घर भी देने की बात की थी। जस्टिस शाह का इस आरोप का खंडन न करना भी सवाल खड़े करता है। न्याय के रखवालों के ऊपर लगे इन आरोपों ने समूचे न्याय व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। कई न्यायाधीशों के साथ-साथ अरविन्द केजरीवाल,कांग्रेस पार्टी और सीपीएम ने जांच की मांग की है। दिल्ली उच्च न्यायलय के पूर्व न्यायाधीश एपी शाह ने कहा है कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश स्वयं संज्ञान लेकर इस मामले की पुनः जांच पर निर्णय लें। उन्होंने कहा कि यह भारत की न्याय व्यवस्था को कलंकित करता है। हाल ही में न्यायपालिका पर लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए जस्टिस शाह ने कहा की भारत के लोगों का न्याय व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए जांच ज़रूरी है।  

/img/article/1521/लोया.jpg /img/article/1521/लोया.jpg /img/article/1521/लोया.jpg /img/article/1521/लोया.jpg /img/article/1521/लोया.jpg /img/article/1521/लोया.jpg /img/article/1521/लोया.jpg
tumbler

Comments




YOU MAY ALSO LIKE


संसद हमले के १६ वर्ष बाद संसद में क्या क्या बदला !

Virat and Anushka officially announce their wedding!

क्या सच में नया बिल 'खाताबंदी' बिल है : एक विश्लेषण

RAHUL GANDHI will take over as Congress boss on December 16

Prime Minister Narendra Modi tops the list for most searched Indian 2017!


संसद हमले के १६ वर्ष बाद संसद में क्या क्या बदला !

Virat and Anushka officially announce their wedding!

क्या सच में नया बिल 'खाताबंदी' बिल है : एक विश्लेषण

RAHUL GANDHI will take over as Congress boss on December 16

Prime Minister Narendra Modi tops the list for most searched Indian 2017!