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भोजन से ही नहीं जिस धातु में आप भोजन करते है उससे भी मिलते है पोषक तत्व !

भोजन से ही नहीं जिस धातु में आप भोजन करते है उससे भी मिलते है पोषक तत्व !

प्राचीन भारतीय संस्कृति में सभी प्रकार के विज्ञानं पर मंथन किया गया है और उस विज्ञान को आधार बना कर ही भोजन , नींद एवं अनेक दिनचर्या संबंधी नियम बनाये गए | प्राचीन काल से लेकर अब तक अनेक धातुएं अस्तित्व में आयी लेकिन हर धातु स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित है ऐसा नहीं है |आइये जानते है की कौन सी धातु है भोजन करने के लिए उपयुक्त -

सोना-

प्राचीन काल में सोने की धातु में भी राजा और अन्य धनाढ्य लोग भोजन किया करते थे | सोना शरीर को मजबूत एवं कठोर बनाता है | सोने की धातु आँखों के लिए भी फायदेमंद होती है और आँखों की रौशनी बढ़ती है | प्राचीन काल में स्त्री और पुरुष दोनों ही सोने के आभूषण धारण किया करते थे | इसे गर्म धातु माना जाता है |

चांदी -

चांदी का रंग चन्द्रमा के समान सफेद होता है और यह धातु चन्द्रमा के समान शीतल भी होती है | चांदी के बर्तन में भोजन करने से शरीर को शीतलता प्राप्त होती है और मस्तिष्क तेज होता है | पाचनतंत्र ठीक रहता है | वात, पित्त एवं कफ दोष दूर होता है |चाँदी आँखों के लिए भी उपयुक्त होती है | प्राचीन समय में चांदी के आभूषण प्रायः सभी धारण करते थे |

काँसा -

काँसा ऐसी धातु है जो आपके शरीर को अनेक प्रकार के फायदे पहुँचाती है | यह आपकी मानसिक शक्ति को बढ़ती है | रक्त में सम्मिलित अशुद्धियों को दूर करने में भी काँसा सहायक है | काँसा आपकी भूख बढ़ाने में भी सहायक है | काँसा में खट्टी चीजे नहीं खानी चाहिए खट्टे से मिलकर काँसा भोजन को विषाक्त कर देता है |

तांबा -

तांबा भी शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी धातु है इस धातु के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से रक्त की अशुद्धियाँ दूर होती है , मोटापा संबंधी समस्या दूर होती है  और पाचनतंत्र मजबूत होता है | स्मरणशक्ति अच्छी होती है | तांबा शरीर में स्थित विषैले अवयवों को समाप्त कर देता है | यह धातु भोजन की पौष्टिकता को बढ़ा देता है | किन्तु तांबे में दूध पीना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है |

 

पीतल -

पीतल भोजन की पौष्टिकता को बनाये रखता है | पीतल के बर्तन में भोजन बनाने से भोजन की ९३% पौष्टिकता बरकरार रहती है | पीतल कृमि रोग को समाप्त करने में सक्षम है | पीतल के बर्तन में भोजन करने से वायु विकार और कफदोष समाप्त हो जाता है |

 

लोहा -

लोहे के बर्तन में भोजन करने से शरीर में लौह तत्व की पूर्ति होती है जो अत्यंत आवश्यक तत्व है हमारे शरीर के लिए | इससे रक्ताल्पता संबंधी रोग में फायदा मिलता है और शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है |

लोहे के बर्तन में भोजन अवश्य पकाये किन्तु उसमे खाये  नहीं इससे बुद्धि का नाश होता है |

अन्य कोई भी धातु शरीर को फायदा पहुंचाने में सक्षम नहीं है | स्टील में भोजन करने से ना तो कोई फायदा है ना ही कोई नुक्सान | अल्युमियम धातु का प्रयोग नहीं करना चाहिए यह शरीर  के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है |

 

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